खैरात के पंख – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi
मिशिका जल्दी जल्दी अपना काम निपटा रही थी, उसने जो पर्सनेलिटी विकास की क्लास ज्वाइन की थी, उसका समय हो रहा था, उसकी भतीजी बार बार बुलाने आ रही थी, बुआ , क्लास के लिए जाना नहीं है क्या, बस सोमा हाथ का एक काम खत्म कर लूं, पर बुआ तुम्हारी बस , भी तो … Read more