चोंचले – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi
संदीप नौ बजे ऑफिस के लिए निकल गए.. उसके बाद करूं क्या! पूरे घर के चार चक्कर लगाकर आई.. कहीं कुछ फैला नहीं बिखरा नहीं.. सब जस का तस पड़ा था.. घड़ी में देखा तो अभी दस ही बज रहे थे.. हे राम! अभी तो सारा दिन पड़ा है.. कटेगा कैसे! अमन को बाहर गए … Read more