ननद – संतोष शर्मा : Moral Stories in Hindi

हेलो नीरूजी,मैं रोहित की मम्मी सुमन बोल रही हूं ।मैं एक दम घबराई..कैसे है आप? हम ठीक है दो दिन बाद रोहित के छुट्टी पङ रही है आप कहे तो रोहित और  आपकी अनुजा को मिलवा देते है  हेलो… नीरूजी क्या ठीक  रहेगा.. मैंने कहा हाँ-हाँ  ठीक रहेगा।उधर से सुमनजी की आवाज  आई ठीक है … Read more

मेरी प्यारी ननद! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

वैसे तो हॉस्पिटल के बिस्तर पर नींद बहुत मुश्किल से आती थी लेकिन दवाईयोंसे कभी-कभार झपकी लग ही जाती थी। डनलोप की गादी, वातानुकूलित कमरा, गज़ब की शान्ति, सेवा में परिचारीकाएं फिर भी चैन कहाँ था?  थोडीसी झपकी लगी नहीं कि अवचेतन मन में अतीत की किताब के पन्ने फड़फड़ाने लगते और गुजरे लम्हें दिल … Read more

बटुआ – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

अमन दिल्ली में एक एन एम सी में कार्यरत था और ऑफिस की ही एक लड़की अंजलि से प्यार हो गया, ओर वो भी उसे प्यार करने लगी।  अंजलि के घर वाले इस शादी के लिये  तैयार नहीं थे, उन्हें डर था पता नहीं परिवार वाले कैसे होगे, इसी शहर के जाने पहचाने लोग होते … Read more

वो अनजान लड़का – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

38 साल पहले की बात है जब लतिका की नई नई शादी हुई थी…… मैं सोचती थी….. मेरी भाभी गोरी सी , सुंदर सी होंगी पर आप बिल्कुल अच्छी नहीं दिखती है भाभी…..! ये वाक्य थे लतिका की ननद चंचला के…. लतिका आश्चर्य से चंचला की ओर देखती रह गई…..कोई ऐसे कैसे बोल सकता है  … Read more

” मुझ से शादी करोगी?” – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

बचपन का साथी सुहास जब भी पूछता, स्वाति मना कर देती। धीरे धीरे बडे हो गये वे। उसने स्वाति से प्यार-भरे अंदाज में पुछा, ” मेरी प्रिया बनोगी?” वह चुप रही। पता नहीं उसके मन क्या था। वह क्या चाहती थी? अपनी पढाई, करिअर बनाने व्यस्त पता ही नहीं चला, सुहास कब उससे दूर चला … Read more

ये ननद का घर है तो मेरा घर कौन सा है? – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ज़िन्दगी का हर एक दिन अच्छा हो ये कोई ज़रूरी नहीं है….. कभी कभी बुरे दौर से भी ज़िन्दगी गुजरती है…. बस हमें हिम्मत और संयम से उसका सामना करना चाहिए….. चल उठ मेरे लिए चाय बना कर तो ला जरा।”रमाकान्त जी बेटी के सिर पर हाथ फेरते हुए बोले “ पर पापा …..।” राशि … Read more

तपस्या – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

कमरे में चारों ओर फूलों की सुगंध फैली थी । बेड के सामने रखी मेज पर लाल गुलाब के बुके रखे थे । आज बत्तीस साल की नौकरी के बाद पवित्रा रिटायर हुई थी । उसने हाथ में पकड़ा गर्म दूध का गिलास बराबर की साइड टेबल पर रखा और आराम से अधलेटी हो गई … Read more

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखाती ही नहीं पड़ता है। -पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखता ही नहीं है मां, आप क्यों नहीं समझ रही हो क्या जरूरत है मकान भैया के नाम करने की , एकमात्र यही पूंजी है आपके पास पापा की दी हुई आपके बाद सब कुछ वैसे भी भैया भाभी का ही है मगर अपने जीते जी … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

ससुराल में हक – ऋतु दादू   खाने की टेबल पर बैठा पति खाने में कद्दू की सब्जी देख चौंक गया, अरे ये क्या बना दिया, तुम्हे बताया था ना कि हमारे घर किसी को कद्दू पसंद नहीं है। जवाब मां ने दिया, हमारे घर में अब बहु भी शामिल है और इसको पूरियों के साथ … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

सम्मान का हक़ – रश्मि प्रकाश   “शादी से पहले ही तुम्हें बता दिया था… मेरी माँ ,भैया भाभी और बच्चों को हमेशा अपनापन और सम्मान देना होगा तुमने भी मुझसे यही कहा था और मैं वो सब निभा भी रहा हूँ फिर तुम आज माँ और भाभी से ऊँची आवाज में बात कैसे कर रही … Read more

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