पछतावा या छलावा – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

पहली ही नजर में तनुश्री भा गई थी सोमेश्वर जी को।बहू के रूप में ऐसी ही लड़की की कल्पना की थी उन्होंने।गए तो थे किसी दूसरी लड़की को देखने,पर उनके परिवार वालों का व्यवहार और लड़की की अति आधुनिकता उन्हें पसंद नहीं आई। लौटते हुए अपने भांजे के अनुरोध पर तनुश्री के घर पहुंचे थे … Read more

सच्चा प्यार – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

  मंजरी अपने ही ख्यालों में बेखबर स्कूटी चलाए जा रही थी कि लाल बती को देख जैसे उसकी तद्रां टूटी तो एकदम से उसने ब्रेक लगाई, वो तो बचाव हो गया वरना तो आगे वाली गाड़ी में लग जाती।मंजरी को समझ नहीं आ रहा था कि उत्सव आजकल अजीब सा बर्ताव क्यूं कर रहा है।  … Read more

“विश्वास की डोर” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

कहते हैं पति-पत्नी से नाजुक रिश्ता कोई नहीं होता और इससे मजबूत रिश्ता भी कोई नहीं होता। दो अजनबी एक ही रास्ते के मुसाफिर बन जाते हैं जिनकी मंजिल भी एक ही होती है। विश्वास इस संबंध की सबसे बड़ी कड़ी है और जब वह विश्वास इस रिश्ते में से चला जाता है तो शक … Read more

“अनकही पीड़ा” – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

छोटे शहर की पुरानी हवेली में रहने वाली कुसुम देवी को मोहल्ले में एक अनुशासित, संस्कारी और सख्त सास के रूप में जाना जाता था। उनके बेटे रोहित की शादी एक साल पहले स्नेहा से हुई थी। स्नेहा पढ़ी-लिखी, सुशील, और स्वभाव से बेहद शांत लड़की थी। उसने शादी के बाद घर को अपना मानकर … Read more

सास को बहू की तकलीफ़ दिखाई नहीं देती – ज्योति आहूजा :

अगस्त का दूसरा हफ्ता था। हरियाणा के अम्बाला में हल्की उमस और फुहारों के बीच त्योहारों की दस्तक महसूस की जा सकती थी। सड़कों पर रक्षाबंधन की राखियाँ, मिठाइयाँ और मेहंदी की दुकानें सजी थीं। और इस शहर के एक पुराने, आत्मीय मोहल्ले में — शारदा देवी का घर आज भी उसी गरिमा से खड़ा … Read more

सास को बहु की तकलीफ़ नहीं दिखती – डॉ बीना कुण्डलिया :

आज सुबह से ही नम्रता का सर चकरा रहा पेट में भी रह रह कर दर्द सा हो रहा। जैसे तैसे करके सुबह नाश्ता निपटाया आराम करने कमरे में चली गई सोचा थोड़ी देर बाद दवाई खाकर आराम आयेगा तो बाकी का काम भी निपटा ही लुंगी सब वैसे ही पड़ा रहने दिया। तभी सासूमां … Read more

गुड़िया – रत्ना पांडे : Moral Stories in Hindi

राधा के हाथों में अपनी बेटी आलिया की गुड़िया देखते ही उसकी माँ सानिया ने राधा से वह गुड़िया छीनते हुए अपनी नौकरानी पुष्पा से कहा, अरे पुष्पा अपनी बेटी को क्यों लेकर आती हो, आलिया की इतनी महंगी-महंगी गुड़िया रोज-रोज गंदी कर देती है। क्या करूँ मैडम जी उसे घर पर अकेली छोड़ कर तो नहीं आ … Read more

कान भरना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

रामायण के प्रमुख पात्र दशरथनन्दन श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी जोर-शोर से चल रही थी। पूरे अयोध्यावासी राम के राजा बनने की खुशी में नाच-गाकर उत्सव मना रहे थे।अगले दिन राज्याभिषेक की तैयारी में गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र अन्य पंडित -पुरोहितों के साथ विचारमग्न थे।राजा दशरथ और रानी कौशल्या अपने ज्येष्ठ पुत्र राम के राज्याभिषेक … Read more

अपने हुए पराए – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

सरोज जी को औलाद न होने से सुंदर से लगाव हो गया था ,ससुर के समय से ही जब गिरधारी लाल चौकीदारी करता था। तब वह अपने बेटे को हवेली ले आता, क्योंकि उसकी पत्नी जन्म देते ही गुजर गयी, जिस कारण गिरधारी लाल हमेशा सुंदर को साथ रखता,तब सरोज बड़े ही प्यार से उसे … Read more

अदरक वाली चाय – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

अखबार का पन्ना पलटते हुए रूबी सोच रही आज काम पर जायें कि ना जाये ,मन नही कर रहा जाने का,  वैसे वो छुट्टी लेती नही पर आज तबियत कुछ ढीली लग रही ,कल रात बारिश में भीगने के कारण नाक में सुरसुरी सी हो रही , सोच रही ले ले आखिर सी . एल  … Read more

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