**पत्थर दिल** – डॉ० मनीषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi
गाँव के किनारे वह पुराना बरगद का पेड़ आज भी खड़ा था, जिसकी छाँव में कभी हँसी-ठिठोली गूँजा करती थी। पर आज उसके नीचे बैठी शांति की आँखों में वह चमक नहीं थी, जो कभी उसके बचपन में दिखती थी। उसकी साड़ी फटी हुई थी, हाथों में जख्मों के निशान थे, और होंठों पर एक … Read more