अपमान जब अपनों से मिलता है, तो आँसू सूख जाते हैं – मुकेश पटेल

आज ‘गृह-प्रवेश’ की पूजा थी। घर मेहमानों से भरा था। हर कोई विनय और उसकी पत्नी शिखा की किस्मत की तारीफ कर रहा था। “क्या घर बनाया है विनय! बिल्कुल महल जैसा है,” विनय के बॉस ने व्हिस्की का गिलास थामते हुए कहा। विनय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। “थैंक यू सर। बस, … Read more

बहू ने सीमा खींच दी – संजय सिंह

 राजेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। माता-पिता ने बड़े  लाड -प्यार से उसकी परवरिश की। पढ़ाया -लिखाया और वह एक कामयाब वकील बन गया। समय चलते माता-पिता ने उसकी शादी एक पढ़ी-लिखी संस्कारी लड़की से कर दी ।समय बिता गया और राजेश के माता-पिता इस दुनिया से अलविदा कहकर चले गए। राजेश अपनी पत्नी … Read more

बहू हम इस घर के नौकर नहीं मालिक हैं – मुकेश पटेल 

जब घर में आई नई बहू ने अपने वृद्ध सास ससुर को घर से निकालने और अपनी चलाने के लिए रची साजिश तो वृद्ध सास ससुर ने चली ऐसी चाल कि बहू की रूह कांप गई. “उफ्फ! मम्मी जी,” शालिनी ने नाक सिकोड़ते हुए कहा, “मैंने आपसे कितनी बार कहा है कि अपनी ये आयुर्वेदिक … Read more

अपमान का घूंट – हेमलता गुप्ता 

अरे जब बाप ही ऐसा हो, तो बेटी तो ऐसी होगी ही ना, ससुर जी जरा सख्त होते हुए बोले… पहली बार ससुराल आए पिता की बेज्जती होते देख, बेटी ने सास ससुर को सिखाया ऐसा सबक कि उनके होश उड़ गए…. शहर के सबसे पॉश इलाके ‘सिविल लाइन्स’ में स्थित मल्होत्रा मेंशन आज रोशनी … Read more

माँ का फ़ैसला सुन बेटे को आ गया पसीना – रश्मि प्रकाश

65 वर्षीय वृद्ध विधवा मां से बेटा बहू वृद्धाश्रम में मिलने और धोखे से उनकी सारी प्रॉपर्टी अपने नाम कराने पहुंचे तो वहां पर वृद्धाश्रम के मैनेजर ने उनको दिया एक ऐसा तोहफा कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई  दोपहर की चिलचिलाती धूप में ‘आनंदम वृद्धाश्रम’ का लोहे का गेट खुला और एक चमचमाती … Read more

“ये क्या बात हुई मम्मी जी? मैं आपके पूरे घर के लोगों के लिए सोचूं … – डॉ अनुपमा श्रीवास्तव 

” ये क्या बात हुई मम्मी जी? मैं आपके पूरे घर के लोगों के लिए सोचूं। और आप लोग मेरे बारे में बिल्कुल भी ना सोचो। अब घर में मेहमान हों और घर की बहू कमरे में कुंडी लगाकर बैठी रहे, यह अच्छा लगता है क्या? लोग क्या कहेंगे? कि भाई-भाभी ने स्वागत नहीं किया?” … Read more

संस्कार पर सवाल – रेखा जैन

“आपने अपनी बेटी को कुछ संस्कार नहीं दिए है!” आद्या के ससुर की कड़कती हुई आवाज फोन पर गूंजी। “समधी जी ऐसी क्या बात हो गई कि सुबह सुबह आप नाराज हो रहे है?” आद्या के पापा उसके ससुर को शांत करने की गरज से बोले। “कल हम आपकी बेटी को मिलने आए थे और … Read more

*कुछ घंटे पहले* – तोषिका

मेरे साथ ही ऐसा क्यों किया आपने भगवान। क्या गलती कर दी ऐसे की आपने ऐसी सजा दे दी। सीमा चिला चिला कर हॉस्पिटल में स्थापित मूर्ति के आगे रो रो कर पूछ रही थी, तभी वहां पर उसके पिता आए और अपने आंखों से अश्रु पूछते हुए बोले *विधि का विधान कोई टाल नहीं … Read more

माँ ने 25 लाख के लिए बेटा बेच दिया… – मुकेश पटेल

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन शर्मा विला के ड्राइंग रूम में जो तूफ़ान खड़ा था, वह बाहर के मौसम से कहीं ज़्यादा भयानक था। दीवार घड़ी रात के नौ बजा रही थी। कमरे के बीचों-बीच बिखरे हुए काँच के टुकड़े और फटे हुए कागज़ इस बात की गवाही दे रहे थे कि यहाँ … Read more

हर बहू एक जैसी नहीं होती – मुकेश पटेल

सास बड़ी बहू की ज्यादतियों की सजा छोटी बहु को दे रही थी.. फिर हुआ कुछ ऐसा रसोई घर के बर्तनों की खड़खड़ाहट के बीच भी सावित्री देवी की तीखी नज़रों से कुछ नहीं छुपता था। जैसे ही उनकी छोटी बहू, वंदना, ने फ्रिज खोला, सावित्री देवी हॉल से ही चिल्लाईं, “वंदना! दूध का पैकेट … Read more

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