अपमान जब अपनों से मिलता है, तो आँसू सूख जाते हैं – मुकेश पटेल
आज ‘गृह-प्रवेश’ की पूजा थी। घर मेहमानों से भरा था। हर कोई विनय और उसकी पत्नी शिखा की किस्मत की तारीफ कर रहा था। “क्या घर बनाया है विनय! बिल्कुल महल जैसा है,” विनय के बॉस ने व्हिस्की का गिलास थामते हुए कहा। विनय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। “थैंक यू सर। बस, … Read more