अंगारे उगलना – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi
” भईया, मैं आज आपसे कुछ मांगने आई हूँ |” दीपा ने आलोक से कहा | इतना सुनते हीं आलोक की पत्नी रेखा बोलने लगी -” अरे हमलोग तो खुद परेशान हैं और उपर से ये हमें और परेशान करने चली आई | कभी सुख – चैन, शांति से रहने नहीं देती हमें | हरदम … Read more