मायके सुख (अर्चना सिंह)

“उफ्फ …ये लड़की भी न ! थोड़ी देर हो जाए फोन उठाने में तो लगातार फोन करेगी जब तक उठा न लूँ । रसोई से आकर झूले पर बैठते हुए अनिता जी ने कहा । अनिता जी के पति अरुण जी  चाय की चुस्की लेते हुए बोले…”खाना बनाते हुए तो फोन उठा ही सकती हैं … Read more

अति मोह से पनपा स्वार्थ – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

शालिनी जी बेटी को एक लाख रुपये से भरा बैग देते हुए कहती है- देख दिव्या मैं तुझे ये बहू की नजरों से बचा कर दे रही हूं। देख तू उससे जिक्र न करना। शालिनी जी के पास हमेशा बेटी आती और किसी न किसी बहाने से पैसे ले जाती है। और दिव्या को पैसे … Read more

घर वापसी – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू : Moral Stories in Hindi

कई दिनों से अम्मा को तैयारी करते देख रेखा बोली अब बस भी करो और कितनी तैयारियां करोगी अरे! हम सालों के लिए नही कुछ महीनों के लिए जा रहे हैं।फिर तुम्हें तो पता है ज्यादा सामान लेके फ्लाइट पर नही चढ़ सकते। कहते हुए अचार की बर्नी,जरूरत से ज्यादा कपड़े खाने का बहुत सारा … Read more

बहू , तुम अपनी जमीन बेच दो !! – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

मम्मी , यह भाभी ने मुझे हरा सलवार – सूट क्यों पकड़ा दिया ?? मैंने तो आपसे कहा था ना मुझे गुलाबी सुट ज्यादा पसंद आया हैं , नेहा अपनी मां मीना जी से बोली !! मीना जी बोली – अरे , तो तेरी भाभी से तू गुलाबी सुट भी मांग ले , तेरी भाभी … Read more

रिश्तों की मर्यादा – जया शर्मा : Moral Stories in Hindi

आज रिया की बहन के नए घर का गृह प्रवेश था। बड़े भैया , भाभी, माँ सबलोग इकठ्ठा हुए थे। रिया के और दो भैया भी पहुंच गए थे। पूजा के बाद बैठ कर सब बातें कर रहे थे। अचानक बात चली सुरेखा भाभी की। रिया के ताऊजी की बड़ी बहु हैं सुरेखा भाभी। थोड़ी … Read more

चक्र – करुणा मलिक

मेघना ! मेघना …… पापा फ़ोन कर रहे हैं, उनसे बात कर लो ।  ठीक है…. कहिए उनसे , अभी पाँच मिनट में बात करती हूँ । गमलों की मिट्टी बदल रही थी…बस हाथ धो रही हूँ ।  जैसे ही मेघना ने पति संजय के मुँह से सुना कि पापा का फ़ोन है तो उसने … Read more

“अस्तित्व” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

ये  क्या कविता तुमने फिर अपनी सैलरी के पैसे मेरे अकाउंट में डलवा दिए? अरे तुम अब सरकारी मास्टरनी बन गई हो अपनी कमाई जैसे चाहो खर्च कर सकती हो। तुम नहीं जानती मैं कितना खुश हूं तुम्हारे लिए, तुम्हारी दिन रात की मेहनत रंग लाई। अरे मैं कपड़े की दुकान पर काम करता हूं … Read more

नारी का अस्तित्व – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

दादी ने कहा -”बेटियां तो गीली मिट्टी जैसी होती है उन्हें जैसा आकार दे दो वैसा बन जाती है। “ शायद उनकी दादी ने उनके लिए ऐसा कहा था उससे पहले उनकी दादी के लिए उनकी दादी ने। इस तरह से पीढ़ियों से यह सब हम लड़कियों को समझाया गया कि तुम लड़की हो इसलिए … Read more

अस्तित्व – सुनीता परसाई ‘चारु’ : Moral Stories in Hindi

नीलू अलसाते हुए बिस्तर पर पड़ी थी। उसका उठने का मन नहीं कर रहा था।तभी चाय लेकर आते हुए भावना बोली -”आज उठना ही नहीं है क्या मैडम नीलू ! सोते ही रहना है क्या?चलो उठो गरम-गरम चाय पी लो।” नीलू अंगड़ाई लेते बोली’ “क्यों परेशान कर रही है सुबह-सुबह। आज मैं पहली बार अपने … Read more

मैं भी सुंदर हूँ – विमला गुगलानी : Moral Stories in Hindi

    “ अरे वाह शुभ्रा मैडम, आज तो आप गज़ब ढ़ाह रही है, क्या मैचिंग है आपकी, और ये बालों में गज़रा, ओह माई गाड, काश कि मैं लड़का होती और हम कुछ साल पहले मिले होते” अखिला ने शुभ्रा को देखकर कहा।     “ तुम भी ना अखिला”, शुभ्रा ने कुछ शरमाते हुए कहा। सच में, … Read more

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