वो एक पल – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi
आज पैंतीस साल बाद अलवर की जमीन पर पांव रखने का सौभाग्य मिला था। मेरा हायर सेकेंडरी का परिणाम आने के पहले ही पिताजी का अलवर से भोपाल ट्रांसफर हो गया था। वहां से बीटैक करने के बाद मैं ऑस्ट्रेलिया चला गया था। फिर जीवन का एक लंबा अरसा सीमेंट व लोहे के अनुपात और … Read more