अपना ही सिक्का खोटा – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

सुमित्रा जी को सभी रिश्तेदारों ने समझाया था,कि पहले बेटी के हांथ पीले कर दें।बेटे की शादी हो ही जाएगी। सुमित्रा जी को यह मंजूर नहीं था।बड़ी बेटी के लिए अच्छा वर मिलते ही सात  साल पहले शादी कर चुकी थीं वे।अब इकलौते बेटे की बहू आने पर ही छोटी बेटी ब्याहेंगी,ऐसी  उनकी जिद थी। … Read more

घर की रौनघर की – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

रुपाली बिल्कुल जड़वत सी हो गयी, मानो शरीर की अंदरूनी ताकत समाप्त हो गयी जैसे ही उसने अपने छब्बीस वर्षीय बेटे के मुँह से सुना कि शादी तो मैं जरूर करूँगा , आपके कहने का मुझ पर कोई फर्क न होगा । आप शादी के बारे में कहती हैं दुनिया की सबसे खराब चीज है … Read more

खूबसूरत साज़िश – विभा गुप्ता

   ” नहीं रश्मि…मैं उस मराठन के साथ बिल्कुल भी नहीं जाने वाली है..।अरे तू नहीं जानती…वो मुझे…।” गायत्री जी अपनी बात पूरी कर पाती, उससे पहले ही उनकी बेटी ने उन्हें बीच में ही टोक दिया,” बस माँ..अब फिर से शुरु मत हो जाओ..।भाभी तो तुम्हारी ही इच्छा पूरी..।खैर, मैं उन्हें बता देती हूँ कि … Read more

विधवा

एक बहुत बड़े होटल में शादी का फंक्शन चल रहा था। बारात दरवाजे पर आ चुकी थी। द्वार पर एक बहुत ही खूबसूरत लड़की सुर्ख लाल रंग के गाउन में बहुत ही अच्छा डांस कर रही थी। हर कोई उसे देखकर बस उसकी तारीफ़ कर रहा था। तभी वह ठककर साइड हो गई। बारात ने … Read more

अधिकार

आदित्य की कार दरवाज़े पर रुकी ही थी कि भीतर से ऊँची आवाज़ें बाहर तक आ रही थीं। वह ठिठक गया—पहचान लिया, यह तो उसकी माँ सरोज जी की आवाज़ है। मन में खटका हुआ, “शायद काव्या से कोई चूक हो गई होगी… पर ऐसे चिल्लाने की क्या ज़रूरत?” वह तेज क़दमों से अंदर पहुँचा। … Read more

नखरे

“माँ, देख लिया भाभी को? फिर घर पर ही खाना बना लिया। यह भी नहीं सोचा कि ननद कौन-सा रोज़-रोज़ आती है, तो आज खाना किसी होटल में ही खा लेते। त्यौहार कौन-सा रोज़ आते हैं, लेकिन इन्हें तो मेरे आने की खुशी ही नहीं होती।” श्रद्धा रक्षा बंधन पर मायके आई थी। राखी बाँधने … Read more

सज़ा का फ़रमान – समिता बडियाल : Moral Stories in Hindi

अमित पुणे में सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर के पद पर काम करता है। उसका घर राजस्थान में है , इसलिए बार -बार आना -जाना नहीं हो पाता। आज पूरे तीन महीने बाद वो अपने घर आ रहा है। उसके घर में मम्मी -पापा, भाई -भाभी और उसकी पत्नी रेणुका है। भाई के दो बच्चे हैं … Read more

झूठे दिखावे से ज़िंदगी नहीं चलती – लक्ष्मी त्यागी : Moral Stories in Hindi 

पवित्रा के जेठ के लड़के का, रिश्ता तय हो गया था। सारी बातें ठीक थीं , लड़की वालों के भी यहां पैसे की कोई कमी नहीं थी, और लड़के वालों के यहां भी, वे लोग, अच्छा खाते- कमाते थे। लड़का बेंगलुरु में नौकरी करता था, लड़की भी, ‘बीटेक’ करके अभी घर पर ही थी। लड़के … Read more

झूठे दिखावे से जिंदगी नही चलती  – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

“झूठे दिखावे से जिंदगी नही चलती — बच्चो,” अध्यापक जी क्लास में बच्चों को बता रहे थे।लेकिन उनकी बात सुनकर महेश बोला,” सर– जीवन को अच्छी तरह से जीने के लिए कुछ झूठा दिखावा तो करना ही  पड़ता है,” इसपर अध्यापक जी ने कहा कि,” अभी तुम्हें शायद मेरी बात समझ में नही आयेगी लेकिन … Read more

सही की कीमत अक्सर देर से समझ आती हैं – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

कर्मजलि , कलंकिनी , दोनों मां बेटी ने मिलकर जीना हराम कर दिया हैं , मन तो करता हैं दोनों को इस घर से बाहर निकाल फेंकूं , एक इसकी मां हैं जो दिनभर घर से बाहर रहती हैं और एक दूसरी यह इसकी बेटी जो पूरे दिन घर में रहकर मेरी छाती पर बैठकर … Read more

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