भला कर दिया – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi
“…सच कहती हूं अम्मा… आज सवेरे भी जब मैं अपने आंगन से फूल तोड़ती आई हूं, तो मंझले काका आपके आंगन से ही निकल रहे थे…!” ” पर बिन्नी बहू… उनको भला मेरे आंगन से क्या काम है री…!” ” यह तो अम्मा मैं क्या जानूं… मैंने तो जो देखा वह बता रही हूं…!” एक … Read more