एक नई उम्मीद :दिल से बंधी डोर-नीरजा नामदेव
श्रीति और श्रेयस को देखकर यही लगता था कि दोनों एक दूसरे के लिए ही बने हैं ।दोनों के विवाह को लगभग 8 वर्ष हो चुके थे।दो बच्चों के माता-पिता बनकर उनका परिवार पूरा हो गया था। उनका छोटा सा एक सुखी परिवार था। नया वर्ष उनके लिए दुगुनी खुशियों से भरा होता था क्योंकि … Read more