सूरज की अर्धरेखा – रीमा महेंद्र ठाकुर
गाडियों का काफिला सड़क से उतर कर “पगडंडियों के बगल से गुजर रहे कच्चे रास्ते से गाँव की ओर बढ रहा था ! जब तक सूरज चाँद रहेगा, सूरज तेरा नाम रहेगा” सूरज मिश्रा अमर रहे’ सूरज मिश्रा अमर रहे! जयकारा की ध्वनि पूरे गाँव में गूंज रही थी! तीस गाँव का तालुका था ” … Read more