सुहाना सफर – विजया डालमिया
मेरी जिंदगी की एक ही कहानी है और वह कहानी है सिर्फ तुम।इस कहानी का एक ही किरदार है और वो किरदार हो तुम।मैं कभी-कभी सोचती हूँ कि इस सफर की मंजिल क्या है ?क्या इस रात की कोई खूबसूरत सुबह नहीं? क्या इस ख्वाब की कोई ताबीर नहीं ?अच्छा यह बताओ क्या कभी जागते … Read more