नयी परिभाषा – कल्पना मिश्रा
नाती का बरहों संस्कार बहुत अच्छी तरह से निपट गया तो मन को सुकून मिला। नीरा मेरी इकलौती बिटिया थी,तो मैंने भी अच्छे से अच्छा करने की कोशिश की थी..पर फिर भी डर लग रहा था कि लेनी-देनी और फल,मिठाई में कहीं कोई कमी ना रह जाये। लेकिन सबको खुश देखकर मेरी ये चिन्ता भी … Read more