ममता का कर्ज़ – कल्पना मिश्रा
“डॉक्टर साहब, जब आप छुट्टी पर थे तब कोई आदमी एक बुढ़िया को यहाँ भर्ती कराकर चला गया है और तबसे आज तक वापस लौटकर ही नही आया। दिक्कत ये है कि वह बुढ़िया अपने बारे में कुछ भी नही बता पा रही है। हमने बहुत कोशिश किया पर भर्ती कराने वाले ने अपना नाम, … Read more