मैं ही परायी हूँ – गुरविंदर टूटेजा
अप्रकाशित दो ही महीने के अंतराल में नीतू ने अपने मम्मी-पापा को खो दिया….बेचारी मासूम को ये ही नहीं समझ आया कि उसकी पूरी दुनिया लुट गयी हैं… थोड़ा रोयी पर पर संयुक्त परिवार था उसे तो सब अपने ही लगते थें..!! मम्मी-पापा के जाने के बाद अपने कमरे से निकलकर बड़ी मम्मी के कमरे … Read more