*दत्तक* – *नम्रता सरन ‘सोना”*
माँ की यादोँ मे खोया मनुज कार ड्राईव कर रहा था।आँखों से अश्रुधार बह रही थी।माँ उसे एक बार देखने की इच्छा मन में लिए परलोक सिधार गईं, कितनी कोशिश के बावजूद भी वह माँ के अंतिम संस्कार पर समय से नही पहुंच पाया।बार बार यही बात उसके दिल को कचोटती है।उसके बाद विदेश से … Read more