*अनमोल तोहफ़ा* – नम्रता सरन “सोना
“अनु बेटा, ये तेरे लिए , मेरा प्यार” कहकर चाची ने तमाम ज़ेवरों से लदी अनूराधा के गले में जड़ाऊ हार पहनाते हुए कहा। “चाची, ये क्यों? आपने मम्मी के सारे ज़ेवर मुझे दे तो दिए हैं और चाचा ने तो और भी कई सारे गहने दिए हैं, चाची, राजे का विवाह भी अभी होना … Read more