रोती आंखें – मंजु मिश्रा
……………. अमिता की आंखे द्वार की ओर यूं लगी थी जैसे अभी उसका पूरा परिवार आकर उसे अपने घेरे में ले लेगा और वो निहाल हो जाएगी।पंद्रह दिन पूर्व रजत की मृत्यु के पश्चात पंद्रह दिन बाद आज सुबह ही सब अपने अपने घरौंदों में लौट गए। उसे अपनी विवाह की पहली रात याद आयी … Read more