‘ वो भी तो लाडली है ‘ – विभा गुप्ता
” तो आप क्या कहते हैं चाचाजी, नंदा को विदा करने की इजाज़त दे रहें हैं?” नरेश ने श्यामलाल से पूछा। ” हर्गिज़ नहीं, इकलौते बेटे की शादी में मेरे कितने अरमान थें, तुमने सब मिट्टी में मिला दिया।रिश्तेदारों और दोस्तों में तुमने मेरी नाक कटा दी और अब एक मोटर साईकिल देने का वादा … Read more