ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं – कमलेश राणा
हमारी एक पड़ोसन थी,, बहुत अच्छी कढ़ाई करती थी,, डिज़ाइनें भी जाने कहाँ से लाती थी,, बड़ी सुंदर सुंदर,, यह उन दिनों की बात है जब मोबाइल नहीं हुआ करते थे,, आजकल तो जो चाहो, अलादीन के जिन की तरह पल में हाजिर हो जाता है,, उसमें भी इतनी वैरायटी होती है कि घर बैठे … Read more