दो मीठे बोल! – प्रियंका सक्सेना
“मामू, बहुत दिनों बाद चक्कर लगा यहां का?” फेरी वाले अनवर की आवाज़ सुनकर लपककर घर से बाहर आई गुंजन “हां, बिटिया। अपने गाॅ॑व गए रहे हम, इस बार ज्यादा वक्त लग गया।” फेरी वाले अनवर ने अपनी पेशानी पर झलकते पसीने को गमछे से पोंछने हुए कहा उसे फिक्र नहीं थी कि किस्मत की … Read more