पाबंदी – जौहरी
बचपन के दिन कितने अच्छे थे जब भी सोचती हूँ एक अलग ही दुनिया में गोते लगाने लगती हूँ।आम के बगीचे में परिवार के बच्चों के साथ मस्ती करते दिन कब बीत जाते थे पता ही नहीं चलता था। मैं घर में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी।खेलते कूदते बचपन से गुजरते स्कूल का सफर … Read more