मीठे रिश्ते – नम्रता सरन “सोना”
“बेटा, आज तुम्हें चौका छुलाई की रस्म करनी है, मैंने और महाराज ने बाकी सब खाना बना लिया है बस तुम्हें मीठे केसरिया चावल बनाने है ,शगुन के तौर पर” नवेली बहू से रागिनी ने कहा। “जी मम्मीजी” सलोनी धीमे से बोली। “आते हैं न बेटा” होस्टल मे पढ़ी सलोनी से रागिनी ने संशयपूर्ण स्वर … Read more