अनकहा प्यार – प्रियंका त्रिपाठी ‘पांडेय’
काले काले बादलो ने आसमान मे डेरा डाल दिया।मुक्ता तेजी से लान की तरफ दौड़ी, सूखे हुए कपड़ो को हटाने के लिए। बूंदो ने झमा झम बरसना शुरू कर दिया। कपड़े उतारते-उतारते मुक्ता काफी भीग चुकी थी।अन्दर आते ही उसने छींकना शुरू कर दिया। मा॑ बड़बड़ाते हुए बोली – “मुक्ता मैंने तुझसे कितनी बार कहा … Read more