दायित्व – शिखा श्रीवास्तव
राशि अपनी मेड माला के इंतज़ार में बैठी थी। घर का सारा काम पड़ा हुआ था। जैसे ही माला आयी राशि ने गुस्से में कहा- माला क्या घड़ी देखनी नहीं आती तुम्हें। कल भी देर से आई तुम और आज भी। माला बोली- बीबीजी त्योहार का वक्त है ना। हर घर में काम बढ़ा हुआ … Read more