नासमझी – कंचन श्रीवास्तव
चटाक ……. की आवाज से दोनों तरफ ही सन्नाटा पसर गया , बिना कुछ बोले रवि अपने कमरे में और सुलेखा वहीं सोफे पर ढेर हो गई।ये क्या हो गया इन दोनों के बीच इसकी तो कल्पना भी नहीं थी। आखिर क्यों? क्यों कहा उसने ऐसे , ऐसा कहते वक्त उसकी जवान नहीं लड़खड़ाई, कैसी … Read more