गलतियों से कितना सीखे

बात आइंस्टीन से जुड़ी है। वह जर्मनी छोड़ चुके थे और दुनिया भर के विश्वविद्यालय उन्हें अपने यहां नियुक्त करने के लिए उत्सुक थे, लेकिन उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी को चुना, क्योंकि वहां का वातावरण शांत और बौद्धिक था। जब आइंस्टीन पहली बार प्रिंसटन पहुंचे, तब वहां के प्रशासनिक अधिकारी ने उनसे पूछा- सर, मैं आपके … Read more

दिखावा

एक राजा के दरबार में एक बुद्धिमान मंत्री था, जिसके पास हर समस्या का हल था. राजा अपने इस मंत्री से बिना पूछे कोई भी बड़ा- फैसला नहीं लेता था. इस मंत्री से राज दरबार के अन्य लोग जलन रखते थे. एक दिन राजदरबार में राजा ने अपने इस मंत्री से कहा, तुम इतने बुद्धिमान … Read more

बुद्धिमान लालची

एक राजा अपने लिए समझदार और ईमानदार मंत्री की तलाश कर रहे थे.राजा ने कई लोगों का साक्षात्कार लिया लेकिन कोई भी व्यक्ति उन्हें मंत्री बनने के लायक नहीं लगा. वहीं जब यह बात राज्य के | सबसे बुद्धिमान व्यक्ति को पता लगी तो वो फौरन राजमहल चला गया. राजा से  मिलकर उसने कहा, मैं … Read more

व्यवहार का ज्ञान

एक गांव की चार महिलाएं कुएं पर पानी व्यवहार का ज्ञान भरने गईं, पानी भरते समय चारों महिलाएं इधर-उधर की बातें कर रही थीं. कुछ समय बात करने के बाद वह अपने बेटों की तारीफ करने लगी. पहली महिला बोली, मेरा बेटा काशी से पढ़कर आया है, वह संस्कृत विषय का विद्वान हो गया है. … Read more

राखी का तोहफ़ा – प्रेम बजाज

ये उन दिनों की बात है जब करोना की महामारी फैली थी और बहुत से लोगों की नौकरी भी छूट गई थी, हमारे पड़ोस में रहने वाले रमेश की भी नौकरी छूट गई,  जैसे-जैसे समय बीता थोड़ा सा कुछ जमापूंजी थी सब खत्म हो गया, खाने तक के लाले पड़ गए, 5-6 महीनों में बूरा … Read more

रक्षा – पुष्पा पाण्डेय

शालिनी को बचपन से सुरक्षा विभाग में नौकरी करने की प्रवल इच्छा  थी, लेकिन वह जानती थी कि उसके माता-पिता उधर नहीं जाने देंगे। अंततः उसका नामांकन मेडिकल काॅलेज में हुआ। मन-ही-मन वह हमेशा यही सोचती रही कि वह आर्मी के अस्पताल में नौकरी करेगी। वो वक्त भी आया जब उसे निर्णय लेना था।  माँ-बाप … Read more

राखी का गिफ़्ट – प्रीति आनंद अस्थाना

ऑफ़िस के रास्ते में एक अत्यधिक व्यस्त ट्रैफ़िक सिग्नल पड़ता था। अगर उस पर रुकना पड़ गया तो कम से कम पाँच-सात मिनट की तो छुट्टी हो ही जाती। मेरी नई-नई नौकरी लगी थी तो ऑफ़िस पहुँचने की जरा जल्दी रहती। वहाँ रुकना बेहद अखरता था। इसी सिग्नल पर कुछ लोग तमाम तरह का सामान … Read more

साँसों का तार… – विनोद सिन्हा “सुदामा”

अर्पिता मन में अथाह प्रेम लिए पलकपांवडे़ बिछाए बैठी अपने भाई के आने का इंतजार कर रही थी.. एक नई उम्मीद के साथ एक नए अहसास के साथ…इस राखी पर्व पर.अनुभव की राह तक रही थी… मन की भावनाएं शांत होने का नाम नहीं ले रही थी..खुशी आँखों से आँसूं बन कर निकल रही थी..भाई … Read more

 पश्चाताप – गार्गी राय

शर्मा जी , जो सरकारी नौकर होते हुए भी स्वाध्याय के द्वारा अच्छा-खासा  साहित्यिक समझ रखते थें । अध्ययन में रुचि रखने से काम में हमेशा ईमानदार रहें ….नतीजा हमेशा आर्थिक तंगी का शिकार होना पड़ा । हालाँकि  शर्मा जी ऊँचे पद पर कार्यरत थें । हमारे देश की विडंबना है की पैसे बेईमानो के … Read more

उपहार – रश्मि स्थापक

“नेहा का फोन आया था…।” अविनाश बाथरूम से जैसे ही नहा के बाहर निकला कि पत्नी ने बताया। “अरे!मैं वही सोच रहा था कि छुटकी आज पहली बार रक्षाबंधन पर दूर है और अभी तक उसका फोन नही आया…मैं खुद ही नहा कर लगाने वाला था…क्या कहा छुटकी ने?” “आपसे बात करेगी…पर मुझे समझ नहीं … Read more

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