मैं इतनी भी स्वार्थी नहीं – सविता गोयल
” निशा , मैं चलती हूं..… देर हो रही है …. ” कहते ममता मंदिर में हो रहे सत्संग के बीच में हीं उठ कर जाने लगी। ” ममता रूक तो… कहाँ चल दी इतनी जल्दी , अभी अभी तो तू आई थी! ” थोड़ी देर और रूक जा बस आरती होते ही प्रसाद लेकर … Read more