“आत्मनिर्भरता” – सुधा जैन
नेहा, सुरभि, कल्पना, आयुषी चारों सहेलियों का अपना संसार है ।महीने में एक बार चारों मिलती है। अपने सुख दुख की बातें करती है… कुछ खाती पीती हैं… और फिर अपने अपने घर चली जाती हैं। हर बार उनकी बातचीत का विषय घर ,परिवार पति , सास यही रहता है। आयुषी अपनी सास के साथ … Read more