कभी धूप कभी छाव – दीपा माथुर
ओह अर्पिता तुम भी कितनी जिद्दी हो ? एक दो दिन की ही तो बात है ये लैपटॉप रख लो जब एग्जाम हो जाए लोटा देना। नही मोहिनी मैं फोन से पढ़ लूंगी तुम टेंशन मत करो। तुम्हे मेरे पास होने की पार्टी जरूर दूंगी। लेकिन..… नही मोहिनी मुझे अकेले चलने की आदत सी है। … Read more