पापा , मेरे लिए लोन ले लो – स्वाती जैन : Moral Stories in Hindi

पापा , मुझे फाल्गुनी पाठक वाली नवरात्री में खेलने जाना हैं , प्लीस पास लेने के लिए हजार रुपए दे दो सिम्मी अपने पापा चंदुलाल जी से प्यार से बोली !! सिम्मी की मां सीमा जी बोली – इस लड़की ने तो परेशान कर दिया हैं , कभी शापिंग , कभी घूमना , कभी फाइव … Read more

शिकायत

सुषमा अपने पति राकेश और बेटे के साथ सुबह नाश्ता कर रही थी। पराठे का एक टुकड़ा खाते ही उसने बुरा सा मुंह बनाकर अपने बेटे रोहित से कहा— “कितने बेस्वाद परांठे बनाए हैं तेरी पत्नी राधा ने! न इनमें नमक है, न मिर्च। मुझसे तो ऐसे परांठे बिल्कुल भी नहीं खाए जाते। पता नहीं … Read more

आप अपने बेटों के साथ क्यों नहीं रहते – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“आप अपने बेटों के साथ क्यों नहीं रहते ” रमन के इस सवाल ने कैलाश जी को झकझोर दिया था। “मैं एक पिता हूं ना की कोई चीज जिसे घर का एक कोना तो दे दिया जाता है लेकिन दिलों में स्थान नहीं। जहां हर पल मेरे सम्मान को ठेस लगती है। कभी हमारे पहनावे … Read more

बीवी का गुलाम – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“बहू क्या कान भरे हैं तुमने मेरे बेटे के जो आज उसने मुझसे सवाल जबाव करने की हिम्मत की है ” कुसुम जी बौखलाई हुई मीता के पास आईं।जिस बेटे ने मेरे सामने निगाह उठा कर भी बात नहीं किया आज वो तुम्हारी वकालत करने को खड़ा हो गया है। कुसुम जी के इगो पर … Read more

पल में रंग बदलते लोग – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

बस कीजिए मांजी बहुत हुआ गर्भवती नैन्सी सासूमां भावना जी की रोज रोज की किचकिच से तंग आ चुकी थी । पोता ही चाहिए पोता ही चाहिए बस जब देखो तब एक ही रट लगाए रहती आज जैसे ही उन्होंने पोते की रट लगाई पोता ये पोता वो वंश चलेगा तो पोते से ही। नैन्सी … Read more

स्वार्थ

“बाबूजी, यह सब क्या है? आप ड्राइंग रूम में भी अपनी दवाइयां फैला देते हैं! आपका कमरा छोटा पड़ जाता है क्या? कभी कोई आए तो क्या कहेगा? किसी मेहमान के लिए बैठने की जगह तो छोड़ दीजिए!” — अपनी बहू की कर्कश आवाज़ सुनकर सुनील जी की तंद्रा टूटी तो वो घबराकर जल्दी-जल्दी अपनी … Read more

हालात

सुबह का अख़बार जैसे ही घर में आया, विमला ने आदतवश मुखपृष्ठ खोला। और तभी उसकी आँखें ठहर गईं।बड़े-बड़े अक्षरों में छपा था—“गरीबों का देवदूत—डॉ. सुनील” साथ ही मुस्कुराते हुए उसके भाई सुनील की तस्वीर भी छपी थी। विमला की आँखें भर आईं। वह फूली न समाई। चेहरे पर गर्व की चमक थी। बगल में … Read more

आप अपने बेटे के साथ क्यों नहीं रहते – के कामेश्वरी : Moral stories in hindi

राजेश्वरी का घर रिश्तेदारों से भरा हुआ था क्योंकि दस दिन पहले ही , उसके पति आलोक जी की मृत्यु अचानक हृदयाघात से हो गई थी । उनके चार बेटे हैं , चारों भी आए हुए थे ….. जैसे ही बारहवीं हुई रिश्तेदारों ने बच्चों को माँ का ख़्याल रखने की सलाह देकर चले गए … Read more

अपनो की पहचान – रीतू गुप्ता : Moral stories in hindi

चारो ओर शोर मच रहा था   आवाजें आ रहीं थी …  बहुत भयंकर .. एक्सीडेंट हुआ है…  अरे ये तो वरुण फेमस यू-ट्यूबर है..  कोई हॉस्पिटल लेके जाओ … कोई एम्बुलेंस बुलाओ… मिली-जुली आवाजें… .अरे नहीं बेकार में हम फंस जायेगे यार… पड़ा रहने दे… तु तो फैन है उसका… फैन हुं तो क्या.. पुलिस … Read more

झूठे दिखावे से जिंदगी नहीं चलती – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

अरे काजल तुमने कुछ सुना क्या दीदी,भाई अपना फ्लैट बेच रहे हैं अच्छा आंचल ने कहा।पर क्यों, फ्लैट बेच देंगे तो फिर कहां रहेंगे।कितनी मुश्किल से तो यहां वहां से इनसे उनसे उधार लेकर तो फ्लैट खरीदा था अब बेच रहे हैं ।आंचल ने बड़ी बहन काजल से कहा। तुम्हें किसने बताया दी,अरे खुद भाई … Read more

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