दहलीज के इस पार, आँचल के उस पार – मुकेश पटेल
“अक्सर पुरुष यह सोचकर सारी ज़िंदगी निकाल देते हैं कि उन्होंने घर में ‘संतुलन’ बना रखा है, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि ‘माँ की ममता’ और ‘पत्नी के त्याग’ को तराजू पर तौला नहीं जा सकता, उन्हें सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है।” विहान को लगता था कि वह एक आदर्श बेटा और … Read more