तुझे सब है पता, है ना माँ! – सुषमा तिवारी
कोचिंग क्लास से लौटते समय वेदांत के कदम और भारी हो चले थे। जाने क्यों आज मन ही नहीं हो रहा था कि घर वापस लौटे। यूँ तो वह परिवार में घुल मिलकर रहने वाले बच्चों में से था पर आज क्लास में भी उसका मन कुछ खास नहीं लग रहा था। उसे बिल्कुल समझ … Read more