अन्नपूर्णा – अनामिका प्रवीन शर्मा
” मैं अब इस घर में एक पल के लिए भी नहीं रह सकती जा रही हूं मैं ” कहते हुए शिवन्या घर से निकल गई । पीछे से समीर भी उतनी ही तेज आवाज में चिल्लाया ” हाँ हाँ जाओ , रोका किसने है । देखता हूं कहाँ जाओगी , तुम्हें क्या लगता है … Read more