स्वाभिमान का बदला – गीता वाधवानी
मन में पश्चाताप और आंखों में आंसू लिए जय, जब 3 महीने से पागल खाने में इलाज करवा रही अपनी पत्नी सुधा से मिलने आया, तब सुधा ने उसे पहचाना ही नहीं। सुधा सिर्फ बोलती जा रही थी। मैं हर दिन तिरस्कार सहने वाली कमीनी औरत हूं और खुद को मां बहन की गालियां दे … Read more