समय रहते – आभा अदीब राज़दान

” क्या बात है नयना तुम्हारी तबियत तो ठीक है ।” नारायण ने पत्नी से पूछा था । ” मेरी तबियत सही है लेकिन आप ऐसे क्यों पूछ रहे हैं ।” वह बोली । ” नहीं मैं देख रहा हूँ तुम अपनी माँ से अब बहुत स्नेह से बात करती हो । यही तरीका है … Read more

धोखे का समाज – नेकराम

कौशल्या ने सुबह अपने बेटे अक्षय को बिस्तर से उठाते हुए कहा  ,, आज दोपहर को लड़की वाले तुम्हें देखने आ रहे हैं   ,,  जल्दी बाथरूम में जाकर नहा ले ,,  और सुन ,, चेहरे पर यह इतनी बड़ी-बड़ी दाढ़ी मूछें क्यों रखी है ,,  क्या तुम्हें बाबा रामदेव का चेला बनना है सर … Read more

चोरी – भगवती सक्सेना गौड़

ससुराल में शादी थी, अक्षय का जाना जरूरी था। वो अलग बात है कि घर में भी उसके पापा की तबियत नासाज थी। पर पत्नी रवीना को नाराज नही करना चाहता था। नियत दिन ससुराल के लिए पत्नी के साथ चल पड़े। माँ, पापा को घर छोड़कर ही गए थे, दोनो का बुढ़ापा था, वैसे … Read more

मेरी बेटियां मेरा अभिमान –

“क्यूं रे सुरेसवा !इन छोरियों को पढ़ा लिखाकर कलेक्टर वनावेगा क्या?टैम रहते ब्याह दे ना तो कोई दिन नाक कटवा कै हाथ मैं धर दैंगी!फिर ना कहियो अम्मा ने समझाया ना था”सुरेश की अम्मा को पोतियों का स्कूल जाना एक आँख नहीं भाता था।सुरेश हंसकर अम्मा की बात को टालता सा बोला“मेरे घर की शान … Read more

एकादशी का व्रत – नीरजा कृष्णा

आज माँ बाउजी अमेरिका से लौट रहे हैं। तीन महीने वहाँ भैया भाभी के पास थे। दिलीपजी उन्हें रिसीव करने पटना से गए थे। आधी रात को उनकी फ्लाइट आई और वो बगल में एक होटल में ठहर गए थे। “अरे अम्मा! तुम तो बहुत स्मार्ट हो गई हो। पूरा विदेशी रंग चढ़ा हुआ है।” … Read more

*अंतिम मुलाकात*- मुकुन्द लाल

दोमंजिला मकान के पास टैक्सी रुकते ही रंजना उस मकान के अन्दर प्रवेश कर गई, फिर वह सीधे अपनी माँ गायत्री के पास पहुंँच गई। उसके पीछे-पीछे उसकी भाभी महिमा भी चली आई।  “कमरे में अंधेरा है दिन में भी।”  “प्लग में कुछ खराबी आ गई है, मिस्त्री कल बना देगा, मैं जाती हूंँ कैंडिल … Read more

मेरी भी तो शादी करा दे….(हास्य)  – विनोद प्रसाद

शादी-ब्याह का सीजन शुरू होते ही मेेेरे सपनों को भी पंंख लग जाते हैं और मैं परियों की कल्पना में खो जाता हूँ। बैंड-बाजा का शोर पिघले शीशे की तरह मेरे कानों में उतरता है। ऐसा लगता है कि मैं बरसों से भूखा हूँ और मेरी आंखों के सामने कोई हलवा-पूरी खा रहा है। ज्योंहि … Read more

दावत और दादी मां – डा. मधु आंधीवाल

आज शहर के जाने माने उद्योग पति मि.नरेश खन्ना का बंगला ” आशियाना ” की सजावट एक अनोखी भव्यता दे रही थी । मि.खन्ना और उनकी पत्नी चारूलता दोनों ही एक गर्वीला व्यक्तित्व था इस शहर में । चारूलता जिस कार्यक्रम में होती अन्य महिलायें उनको ईष्या की नजर से देखती क्योंकि वह अपने सामने … Read more

वह तुम्हारी माँ है – पूजा मिश्रा

रामलाल जी का देहांत हुए अभी 6 महीने भी नही हुए थे कि” उनके बेटो को यह चिंता सताने लगी कि ” आखिर इस मंहगाई के जमाने मे माँ का खर्चा कौन उठाएगा। चारों बेटो का अपना अपना परिवार था, सभी के घरों में बच्चो की पढ़ाई व बड़े दो भाइयों के पर बच्चो की शादी … Read more

माँ से धोखा – ममता गुप्ता

रामलाल जी का देहांत हुए अभी 6 महीने भी नही हुए थे कि” उनके बेटो को यह चिंता सताने लगी कि ” आखिर इस मंहगाई के जमाने मे माँ का खर्चा कौन उठाएगा।  चारों बेटो का अपना अपना परिवार था, सभी के घरों में बच्चो की पढ़ाई व बड़े दो भाइयों के पर बच्चो की … Read more

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