ऐसी किस्मत कहॉ – संजय सिंह
राजीव घर पर अकेला था। रात के तकरीबन 10:00 बज रहे थे। नींद का नामों निशान नहीं था। चारों तरफ सन्नाटा था। कोई भी काम करने का राजीव का मन नहीं हो रहा था। आज वह बहुत ही परेशान था। राजीव का भला पूरा परिवार था। जिसमें एक बेटा और एक बेटी थी। जिनका पालन … Read more