जब जागो तभी सबेरा – कमलेश राणा S
अरे विभा बड़े दिनों बाद दिखाई दी हो आज, तुम तो बिल्कुल ईद का चाँद हो गई हो। बस घर गृहस्थी के कामों से कहाँ फुर्सत मिलती है यार.. वैसे तुम्हें शायद मालूम नहीं कि मैं सुमित के साथ दुबई शिफ्ट हो गई हूँ। अरे वाह तो मेरी सखी परदेशी हो गई है अब.. पर … Read more