लिफाफे में पड़ी जिंदगी – संगीता त्रिपाठी
विदेश में बसे पुत्र को फ़ोन कर -कर रमेश जी परेशान हो गये.। पंद्रह दिन पहले बेटे ने फ़ोन उठाया था। तब उसे बताया कि “तेरी माँ की हालत ठीक नहीं हैं.। तुझे देखने के लिये तरस रही हैं।” ”पिता जी तीन महीने पहले भी आपने यहीं कह कर मुझे बुलाया था.। मेरे आते … Read more