“एक कप चाय तुम्हारे साथ” – ऋतु अग्रवाल
“नीलिमा! कहाँ हो भई? राहुल, मनस्वी, यहाँ आओ।” प्रभात ने दरवाजे से ही आवाज लगाना शुरू कर दिया। “आ रही हूँ। क्या बात है, बड़े खुश लग रहे हो? बच्चे जरा बाजार तक गए हैं, नए साल की पार्टी के लिए सामान लेने।” नीलिमा हाथ पोंछते हुए बाहर आई। सप्रभात के हाथ में मिठाई के … Read more