तुम्हारी जयाद्तिया अब और बर्दाश्त नहीं करूंगी! – मनीषा भरतिया
ं संयुक्त परिवार में दादा दादी, चाचा चाची , मां पापा, सब के लाडं प्यार में पली बड़ी होने के बावजूद शीला बहुत ही संस्कारी और सुलझी हुई लड़की थी।,’ बड़ों को मान और छोटो को प्यार देने में वह कभी नहीं चूकती थी।, पढ़ाई से लेकर बाकी सभी दूसरे कामों में निपुण थी। ,’ … Read more