एक रिश्ता – डाॅ. संजु झा
मयंक के बिना एक वर्ष का समय ऊषा के लिए पहाड़ समान बीता ।मयंक को गुजरे हुए एक वर्ष हो गया,परन्तु एक दिन भी ऐसा नहीं बीता कि उसने मयंक की याद में आँसू न बहाए हों।जिन्दगी की यथार्थ परिस्थितियों से सामना करते-करते दुख की बदली उसके मन के आकाश पर जमती चली गईं। आज … Read more