झूठी अमीरी का झूठा दंभ – पूजा मनोज अग्रवाल
सुशीला,,,, तुम्हें कितनी बार कहा है,,।।यूं रोज़ रोज़ मेरे सामने बहू की बुराई ना किया करो,,,।। पता नहीं रोज़ की चिक चिक में तुम्हें क्या मज़ा आता है । हां – हां !!मैं ही तो चिक चिक करती हूं,,। तुम्हारी बहू तो दूध की धुली है । तुम जानते नहीं कितनी चालाक है,,,अपने त्रिया चरित्र … Read more