औरत को इतना भी नसीब नहीं होता – मीनाक्षी सिंह
सुरभी ,शाम को तैयार हो जाना और बच्चों को भी कर देना…घूमने चलेंगे …कई दिन हो गए ,तुम लोगों को कहीं घुमाया नहीं हैँ…खाना भी बाहर ही खायेंगे ,,कुछ बनाना मत …पतिदेव के मुंह से ये शब्द सुन सुरभी ख़ुशी से झूम उठी…. विक्रम मैं क्या पहनूँ ,वेस्ट्रन य़ा साड़ी …कुछ भी पहन लो यार … Read more