छोटी बहू – अनामिका मिश्रा
रीमा छोटी बहू बनकर आई थी। अभी हाथों की मेहंदी भी कहां छुटी थी, दो ही दिन हुए थे।सासु मां की तबीयत कुछ बिगड़ गई थी,बहुत ज्यादा नहीं पर अब दो बहुओं के रहते बेटों ने कहा, _”मां आराम करो, तुम्हें कुछ कहने की जरूरत नहीं है!” रीमा के पति ने कहा, रीमा माँ की … Read more