‘कोई भेद नहीं ‘ – विभा गुप्ता
छह महीने पहले जब रीमा के पति का इस कस्बे में तबादला हुआ था तब यहाँ सुविधाओं की कमी थी।साथ ही,एक समस्या यह भी थी कि यहाँ नीची जाति के लोग ज़्यादा थें।उसके ससुराल में जात-पात को बहुत महत्व दिया जाता था।उसकी सास तो छुआछूत को इतना मानती थी कि काम करने वाला या वाली … Read more