पाणीग्रहण – किरण केशरे : Short Stories in Hindi

ढोलक की थाप पर विवाहगीतों की ध्वनि बिखर रही थी शादी के पंडाल में और ढोल पर सरिता की सहेलियाँ और बहन नाच रही थी, इत्र, और ताजे गेंदा, गुलाब के हार जयमाल की रस्म के लिए टोकनी में रखे थे ; सरिता को छोटी बहन ने बहुत ही सुंदर तैयार किया था,सुर्ख जोड़े में … Read more

पगड़ी – डॉ. पारुल अग्रवाल : Short Stories in Hindi

तीन भाई-बहन का हंसता-खेलता परिवार जिसमें नीलू सबसे बड़ी थी। पापा बैंक में क्लर्क की नौकरी में थे और मां पूरा घर संभालती थी।पापा की नौकरी से पैसा तो नहीं बचता था पर इतना था कि प्रतिदिन के खाने पीने की कोई समस्या नहीं थी।वैसे भी क्लर्क की नौकरी अगर वो भी ईमानदारी से करने … Read more

कैमरे का करिश्मा – शुभ्रा बैनर्जी : Short Stories in Hindi

जया को तस्वीरें लेने का बहुत शौक था।ससुराल में आकर अपने इस शौक से पूरे घर का मनोरंजन करती थी वह।खाना बनाकर उसकी तस्वीर फोन से लेकर झट से सोशल मीडिया पर पोस्ट करना उसकी आदत में शामिल था। अपनी नई पोशाक हो,पति के साथ कहीं घूमने जाने पर,ऐसे ही लगभग हर मौके की तस्वीर … Read more

 पुरुष – पूजा गर्ग : hindi kahani with moral

मालती:   अब मैं तुमसे मिलने नहीं आ सकती । प्रकाश (हैरानी से):  क्यों? क्या हुआ ?  मालती:   घरवालों को शायद हमारे बारे में पता चल गया है । प्रकाश:   तो , अच्छा ही हुआ ,एक ना एक दिन तो पता चलना ही था, पर तुम इतनी परेशान क्यों हो ? मालती:  तुम … Read more

पुरुष की अनोखी परिभाषा – रश्मि सिंह : short story with moral

सुमित-अम्मा ये लो दवाई और पानी। अब खाकर थोड़ी देर सो जाओ, मैं यही तुम्हारे पास हूँ। रागिनी (सुमित की भाभी)-सुमित कहा रह गए, दवा पानी  देते देते सो गये थे क्या। जाओ जल्दी गेहूँ पिसवाकर लेकर आओ, जल्दी आना नहीं तो बहुत मारूँगी तुम्हें। यहाँ सुमित कोई छोटा बच्चा नही है, जिसे मारने की … Read more

सोच का दायरा – अंजना ठाकुर : Short Stories in Hindi

मांजी आज  ये अभी तक नही आए और फोन भी नही लग रहा  निकिता की निगाहे दरवाजे पर लगी थी अमर अभी तक आया नही था वैसे आठ नौ बजे तक आ जाता है आज दस बज चुके थे चिंता मैं निकिता अंदर बाहर हो रही थी निर्मलाजी बोली चिंता मत कर कही फस गया … Read more

धैर्यवान पुरुष

कामिनी और राज की गृहस्थी हँसी- खुशी से बीत रही थी। एक प्यारा- सा बेटा भी था। कामिनी और राज एक ही काॅलेज में पढ़ते थे। दोनों की विचार धाराएँ मिली, प्रेम का पौधा पनपा और दोनों एक सूत्र में बंन्ध गये। परिवार वाले भी खुशी-खुशी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। कामिनी को … Read more

कैसे पुरूष हो पत्नी को खुश नहीं रख सकते ? – अर्चना खंडेलवाल

ये क्या इतनी हल्की साड़ी, ये मै नहीं पहनूंगी, आज मेरा जन्मदिन है,कुछ तो अच्छा लेकर आते,किसी होटल में पार्टी रखते, तुमने तो मेरा मूड ही खराब कर दिया, अभी मधु जीजी के जन्मदिन पर वैभव जीजू ने उन्हें दस हजार की साड़ी दी थी, और ये साड़ी तो दो हजार की ही लग रही … Read more

वरदान – ममता भारद्वाज : Short Stories in Hindi

आज कांताजी और उनके पति वीरेंद्रजी को स्वास्थय दिवस के अवसर पर सरकार द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे सम्मानित किया जा रहा था। इतना सम्मान पाकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू आ गए और कुछ पलों के लिए वो अपने अतीत में खो गई।     कांताजी उस समय केवल … Read more

मेरे हमसफ़र – पूजा गीत : Short Stories in Hindi

नीति और मधुर की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे और नीति माँ बनने वाली थी. सब कुछ सही चल रहा था, दोनों उत्साहित भी बहुत थे. हर समय दोनों के मन में अपने बच्चे को लेकर नये सपने पनप रहे थे. और ऐसा हो भी क्यों न! माता-पिता बनने से बड़ी ख़ुशी … Read more

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