योद्धा – कमलेश राणा
जानकी और ओमी के पास सब कुछ था बस कमी थी तो एक औलाद की लोग जानकी को बांझ कहते और ओमी को दूसरे विवाह की सलाह देने से बाज़ नहीं आते आखिर ईश्वर ने 10 वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद कन्या रत्न से नवाजा। घर में खुशियाँ मनाई गई, पूरे गांव में लड्डू … Read more